गुरुवार, 29 अप्रैल 2010

चुन्नू और मुन्नी

एक ना दो बेबी थे , उनके नाम पता है क्या थे ?

क्या थे ?

चुन्नू और मुन्नी

वो दोनों पता है क्या करते थे ?

क्या करते थे ?


वो दोनों दीवार पर लिखते थे ?

इतनी गंदी बात करते थे ?

हां ....

फ़िर क्या हुआ ?

फ़िर उनके पापा नें डांटा ....आगे से दीवार पर लिखोगे ?

नहीं सोरी पापा हम आगे से दीवार पर नहीं लिखेंगे ।
तो फ़िर उन्होंनें दीवार पर लिखना छोड दिया ?

नही.......... जब पापा आफ़िस चले जाते तो फ़िर से लिखना शुरु कर देते ।

दीवार पे लिखना गंदी बात होती है न ?

हां दीवार पर नहीं लिखना चाहिए , कितना गंदा दिखता है न ।

हां इसलिए पापा उनको फ़िर से डांटते ।

देखो दीवार को कितना गंदा करते हो ।

छीं छीं कितने गंदे बच्चे हो तुम ।

सोरी पापा , वो फ़िर से सोरी बोलते ।

फ़िर पता है क्या हुआ ?

क्या हुआ ?

उनकी मम्मी नें दोनों को स्लेट लेकर दी और स्लेटी भी ।

हां , फ़िर .....?

फ़िर वो दोनों स्लेट पे लिखने लगे , दीवार पे नहीं लिखते थे ।

फ़िर पता उनके पापा नें क्या किया ?

क्या किया ?
पापा नें दोनों को चाक्लेट लेकर दी और आईसक्रीम भी ।

वो दोनों खुश हो गए ।

4 टिप्‍पणियां:

रंजन ने कहा…

मस्त.. बहुत प्यारी

प्यार.

SANJEEV RANA ने कहा…

इस रचना के लिये धन्यवाद
ऐसे लेखन कि ब्लोग जगत को आवयश्कता है

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

मनभावन होने के कारण
चर्चा मंच पर

मेरा मन मुस्काया!

शीर्षक के अंतर्गत
इस पोस्ट की चर्चा की गई है!

माधव ने कहा…

मजा आ गया

टेम्प्लेट परिकल्पना एवँ अनुकूलन :डा.अमर कुमार 2009