संदेश

म्याऊं बिल्ली का एयरोप्लेन

चित्र
एक न पता है क्या था ? क्या था ? म्याऊं बिल्ली , उसकी एक गाडी भी थी बडी सी । म्याऊं बिल्ली तो गाडी के नीचे खडी रहती , और उसे चोट लग गई । फ़िर उसे तो बहुत पेन हुआ होगा न ? हां , उसे पेन हुआ और ठीक भी हो गया और थोडे दिन बाद उसे पता है क्या मिला ? क्या मिला ? एयरोप्लेन । एयरोप्लेन उसे किसने दिया ? प्लेन म्याऊं बिल्ली के मम्मी-पापा नें लेकर दिया था । तो वो फ़िर भी नोई-नोई करने लगी । वो फ़िर भी क्यों रोने लगी ? उसे तो बडे वाला एयरोप्लेन चाहिए था पर वह तो छोटा था तो म्याऊं बिल्ली जोर से रोने लगी , मैं किसी से बात नहीं करुंगी ? वो किसी से भी नहीं बोलती थी । तो फ़िर.......? तो फ़िर मम्मी-पापा नें पता है क्या किया ? क्या किया ? फ़िर उसको बडे वाला एयरोप्लेन लेकर दिया , और वो उसके साथ खेली-खेली करने लगी ।

रैबिट और कछुए की कहानी !!

चित्र
एक बार एक रैबिट नें एक कछुए को पता है क्या बोला ? क्या बोला ? रैबिट नें बोला :- देखो तुम कितने गंदे बच्चे हो , भागी-भागे नहीं कर सकते । फ़िर कछुए नें पता है क्या बोला ? क्या बोला ? कछुए नें बोला, तुम मेरे साथ रेस लगाकर देखो , मै तो तुमसे ज्यादा भागता हूं ? रैबिट नें बोला हां हम रेस लगाएंगे । तो कछुए नें पता है क्या किया ? क्या किया ? कछुए नें रैबिट को बोला, हम दोनों तो फ़्रैण्ड हैं और उसे एक चाक्लेट भी खाने को दी । रैबिट नें चाक्लेट खा ली । फ़िर दोनों भागी-भागी करने लगे । फ़िर पता है क्या हुआ ? क्या हुआ ? रैबिट को वोमेट होने लगी । क्यों रैबिट को वोमेट क्यों होने लगी ? कछुए नें जो चाक्लेट दी थी वो गंदी वाली थी न, इसी लिए । इस लिए गंदी चिज्जी नहीं खानी चाहिए न \हां गंदी चिज्जी भी नहीं खानी चाहिए और किसी से भी चिज्जी लेकर नहीं खानी चाहिए, न ही किसी से मांगनी चाहिए । हा, नहीं तो वोमेट हो जाती है । मैं तो किसी से चिज्जी नहीं लेता । मै तो अच्छा बच्चा हूं न , मुझे तो वोमेट नहीं होगा । हां आपको तो वोमेट नहीं होगा, पर फ़िर रैबिट नें क्या किया ? फ़िर रैबिट तो वोमेट ...

डागी डब्बू !!

चित्र
एक डागी था , उसका नाम था डब्बू । वह ना अपने घर जा रहा था , तो उसनें पता है क्या देखा ? क्या देखा ? डागी नें एक बनाना देखा । पता है बनाना कहां पडा था ? कहां पडा था ? गली में , और उसके ऊपर तो मोटो( मच्छर ) भी बैठे थे और डागी नें वो बनाना खा लिया । फ़िर पता है डागी के पेट में कीडे आ गए । क्यों डागी के पेट में कीडे क्यों आ गए ? उसनें गंदा बनाना खाया था न । छी -छी कितनी गंदी बात की न डागी नें ।गंदी चिज्जी खाना गंदी बात होती है न ? हां , गंदी चिज्जी खाना तो बहुत ही गंदी बात होती है । तुम कभी गंदी चिज्जी नहीं खाना । मैं तो अच्छा बच्चा हूं न गंदी चिज्जी कभी नहीं खाता । आप भी मत खाना । ओ .के. मैं भी कभी गंदी चिज्जी नहीं खाऊंगी । फ़िर डागी नें क्या किया ? फ़िर डागी नें मैडिसन ली । कौन सी मैडिसन ली ? जो आप नहीं मुझे देते हो कभी -कभी वार्म्स वाली मैडिसन । हां..... वही मैडिसन डागी नें भी ली , तो सारे कीडे भाग गए । फ़िर डागी की मम्मी नें उसको जोर से डांटा । कैसे ? आगे से गंदी चिज्जी खाओगे , सेअ सारी मैं आगे से गंदी चिज्जी नहीं खाऊंगा । तो डागी नोई-नोई करने ल...

एक लोमडी

चित्र
एक लोमडी थी , उसको बहुत भूख लगी थी । फ़िर उसनें क्या किया ? फ़िर उसनें पता है क्या देखा ? क्या देखा ? ग्रेप्स , उसनें ग्रेप्स देखे और खा लिए । फ़िर उसके गले में पेन होने लगा । क्यों गले में पेन क्यों होने लगा ? क्योंकि उसनें जो ग्रेप्स खाए थे , वो खट्टे थे और वाश भी नहीं किए थे । उसनें खट्टे ग्रेप्स क्यों खाए ? उसे पता थोडे ही था कि ग्रेप्स खट्टे हैं । तो उसनें ग्रेप्स वाश क्यों नहीं किए ? क्योंकि उसकी मम्मी नें उसको नहीं बताया था ,सारी चिज्जी वाश करके खानी चाहिए । हां कोई भी चीज़ बिना वाश किए नहीं खानी चाहिए । मुझे कोई भी चिज्जी वाश किए बिना मत देना । ओ.के. मैं सारी चिज्जी वाश करके दूंगी । और खट्टी चिज्जी भी मत देना , नहीं तो मेरा भी गला पेन होगा न । ओ.के. मैं कोई खट्टी चिज्जी भी नहीं दूंगी , अब बताओ लोमडी का गला ठीक हुआ कि नहीं ? लोमडी नें मैडिसन ली तो उसका गला ठीक हो गया , और वो गाना गाने लगी और अपने घर चली गई ।

चुन्नू और मुन्नी

चित्र
एक ना दो बेबी थे , उनके नाम पता है क्या थे ? क्या थे ? चुन्नू और मुन्नी वो दोनों पता है क्या करते थे ? क्या करते थे ? वो दोनों दीवार पर लिखते थे ? इतनी गंदी बात करते थे ? हां .... फ़िर क्या हुआ ? फ़िर उनके पापा नें डांटा ....आगे से दीवार पर लिखोगे ? नहीं सोरी पापा हम आगे से दीवार पर नहीं लिखेंगे । तो फ़िर उन्होंनें दीवार पर लिखना छोड दिया ? नही.......... जब पापा आफ़िस चले जाते तो फ़िर से लिखना शुरु कर देते । दीवार पे लिखना गंदी बात होती है न ? हां दीवार पर नहीं लिखना चाहिए , कितना गंदा दिखता है न । हां इसलिए पापा उनको फ़िर से डांटते । देखो दीवार को कितना गंदा करते हो । छीं छीं कितने गंदे बच्चे हो तुम । सोरी पापा , वो फ़िर से सोरी बोलते । फ़िर पता है क्या हुआ ? क्या हुआ ? उनकी मम्मी नें दोनों को स्लेट लेकर दी और स्लेटी भी । हां , फ़िर .....? फ़िर वो दोनों स्लेट पे लिखने लगे , दीवार पे नहीं लिखते थे । फ़िर पता उनके पापा नें क्या किया ? क्या किया ? पापा नें दोनों को चाक्लेट लेकर दी और आईसक्रीम भी । वो दोनों खुश हो गए ।

एक कौआ

चित्र
नमस्कार , मुझे बहुत खुशी हुई ब्लागोत्सव-2010 में अपनी तीन कहानियां देखकर । आप भी पढें और बताना अवश्य कैसी लगीं ?                                        एक कौआ एक बार न एक कौआ था , वह फ़्लाई कर रहा था तो उसे बहुत प्यास लगी थी । पर उसके पास पानी नहीं था । फ़िर उसनें पता है क्या किया ? क्या किया ? वो अपने घर चला गया , और घर जाकर उसनें पता है क्या किया ? क्या किया ? उसनें नींबू पानी पिया । उसको फ़िर से प्यास लग गई । तो फ़िर उसनें क्या किया ? उसनें पता है फ़िर पानी में ग्लूकोज़ डाल कर पिया तो उसकी प्यास भागी-भागी कर गई । और कौआ फ़िर से फ़्लाई करने लगा । मैं एक महीने के लिए घूमने जा रहा हूं , आपसे मिलूंगा एक महीने बाद , सबको हैपी होलिडेज़...शुभम

चुलबुली और फ़्लावर्स

चित्र
एक छोटी सी गुडिया थी । उसका नाम पता है क्या था ? क्या नाम था ? चुलबुली , वो बहुत नाटी गर्ल थी । हां , वो सारा दिन मस्ती करती रहती । कैसे मस्ती करती ? वो कभी खेली-खेली करती , कभी नोई-नोई करती , कभी ट्वायस तोड देती । और पता है क्या करती ? और क्या करती ? वो जब स्कूल जाती तो स्कूल से फ़्लावर्स तोड लेती । जब उसकी मम्मी उसे पाक्र में ले जाती तो वहां भी फ़्लावर्स तोड लेती थी । फ़्लावर्स तोडना तो अच्छा नहीं होता न ? हां फ़्लावर्स तो कभी नहीं तोडते । अच्छा पहले मेरे को बताओ फ़्लावर्स क्यों नहीं तोडते ? फ़्लावर्स तो पौद्धे के साथ ही अच्छे लगते हैं न , जब उनको तोड लेते हैं तो वेस्ट हो जाते हैं , थोडी देर बाद उनसे खुशबू भी गायब हो जाती है और मुरझा भी जाते हैं , फ़िर वो उतने सुन्दर नहीं रहते न । इस लिए फ़्लावर्स कभी नहीं तोडने चाहिएं । मैं तो फ़्लावर्स कभी नहीं तोडूंगा । गुड ब्वाय । अच्छा बताओ तो फ़िर चुलबुली क्या करती थी ? चुलबुली तो फ़्लावर्स तोडती थी । फ़िर पता है उसकी मम्मी नें क्या किया ? क्या किया ? उसकी मम्मी ना सारे ट्वायस पार्क में साथ ले गई और सारे बच्चों को खेलने को दे दिए । फ़िर सारे बच्चे ख...