सोमवार, 3 मई 2010

एक लोमडी

एक लोमडी थी , उसको बहुत भूख लगी थी ।


फ़िर उसनें क्या किया ?

फ़िर उसनें पता है क्या देखा ?

क्या देखा ?

ग्रेप्स , उसनें ग्रेप्स देखे और खा लिए ।

फ़िर उसके गले में पेन होने लगा ।

क्यों गले में पेन क्यों होने लगा ?

क्योंकि उसनें जो ग्रेप्स खाए थे , वो खट्टे थे और वाश भी नहीं किए थे ।

उसनें खट्टे ग्रेप्स क्यों खाए ?

उसे पता थोडे ही था कि ग्रेप्स खट्टे हैं ।

तो उसनें ग्रेप्स वाश क्यों नहीं किए ?

क्योंकि उसकी मम्मी नें उसको नहीं बताया था ,सारी चिज्जी वाश करके खानी चाहिए ।

हां कोई भी चीज़ बिना वाश किए नहीं खानी चाहिए ।

मुझे कोई भी चिज्जी वाश किए बिना मत देना ।

ओ.के. मैं सारी चिज्जी वाश करके दूंगी ।

और खट्टी चिज्जी भी मत देना , नहीं तो मेरा भी गला पेन होगा न ।

ओ.के. मैं कोई खट्टी चिज्जी भी नहीं दूंगी , अब बताओ लोमडी का गला ठीक हुआ कि नहीं ?

लोमडी नें मैडिसन ली तो उसका गला ठीक हो गया , और वो गाना गाने लगी और अपने घर चली गई ।

10 टिप्‍पणियां:

Shekhar Kumawat ने कहा…

are wah aap ko to puri yad he


bahut bahut badhai

shekhar kumawat

अजय कुमार ने कहा…

हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

jayanti jain ने कहा…

u r great, welcome

माधव ने कहा…

fine

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

बहुत बढ़िया!

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

बढ़िया होने के कारण
इस पोस्ट को चर्चा मंच पर

"आज ख़ुशी का दिन फिर आया"

के रूप में सजाया गया है!

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

आकर्षक होने के कारण
इस पोस्ट को चर्चा मंच पर

"आज ख़ुशी का दिन फिर आया"

के रूप में सजाया गया है!

भूतनाथ ने कहा…

age baap ge.....aaj to sacchhi mazaa hi aa gayaa.....ki bhaalo kathaa....

E-Guru Rajeev ने कहा…

हिन्दी ब्लॉगजगत के स्नेही परिवार में इस नये ब्लॉग का और आपका मैं ई-गुरु राजीव हार्दिक स्वागत करता हूँ.

मेरी इच्छा है कि आपका यह ब्लॉग सफलता की नई-नई ऊँचाइयों को छुए. यह ब्लॉग प्रेरणादायी और लोकप्रिय बने.

यदि कोई सहायता चाहिए तो खुलकर पूछें यहाँ सभी आपकी सहायता के लिए तैयार हैं.

शुभकामनाएं !


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अक्षिता (पाखी) ने कहा…

बढ़िया लगी..मजेदार.

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