छिपकली और चूहे

एक न छिपकली थी , उसके बहुत सारे फ़्रैण्डस थे । पता है उसके फ़्रैण्ड्स कौन थे ? कौन थे ...? चूहे...... चूहे छिपकली के फ़्रैण्डस थे ...? हां , और वो सब मिलकर रहते थे । उनके घर के पास न एक स्नेक भी रहता था । उन्हें डर नहीं लगता था स्नेक से । लगता था , स्नेक हर रोज चूहों को मारता था । वो जब भी स्नेक को देखते घर से भाग जाते , पर स्नेक उनके बच्चों को पकड के खा जाता । चूहे बहुत दुखी रहते थे , पर क्या करते ? उनकी जो फ़्रैण्ड थी न छिपकली हां .... एक दिन उसे बहुत गुस्सा आया । और जब स्नेक उनके घर में आया न तो वह जानबूझ कर स्नेक के सामने आ गई और स्नेक नें उसे चूहा समझ कर पकड लिया और खाने लगा । जैसे ही उसे मुंह के पास ले गया छिपकली नें जोर से स्नेक की आंख में मारा । अब तो वह देख भी नहीं सकता था और इधर उधर घूमने लगा । सारे चूहे और छिपकली उसे कभी इधर से छेड्ते और कभी उधर से छेडते , पर वो किसी को भी पकड नहीं सकता था । फ़िर क्या हुआ ? फ़िर स्नेक रोने लगा और उसनें चूहों से माफ़ी भी मांगी और चूहों नें उसको जाने दिया ।