रविवार, 13 जून 2010

म्याऊं बिल्ली का एयरोप्लेन

एक न पता है क्या था ?


क्या था ?

म्याऊं बिल्ली , उसकी एक गाडी भी थी बडी सी ।

म्याऊं बिल्ली तो गाडी के नीचे खडी रहती , और उसे चोट लग गई ।

फ़िर उसे तो बहुत पेन हुआ होगा न ?

हां , उसे पेन हुआ और ठीक भी हो गया और

थोडे दिन बाद उसे पता है क्या मिला ?

क्या मिला ?

एयरोप्लेन ।

एयरोप्लेन उसे किसने दिया ?

प्लेन म्याऊं बिल्ली के मम्मी-पापा नें लेकर दिया था ।

तो वो फ़िर भी नोई-नोई करने लगी ।

वो फ़िर भी क्यों रोने लगी ?

उसे तो बडे वाला एयरोप्लेन चाहिए था पर वह तो छोटा था
तो म्याऊं बिल्ली जोर से रोने लगी ,

मैं किसी से बात नहीं करुंगी ? वो किसी से भी नहीं बोलती थी ।

तो फ़िर.......?

तो फ़िर मम्मी-पापा नें पता है क्या किया ?

क्या किया ?

फ़िर उसको बडे वाला एयरोप्लेन लेकर दिया , और वो उसके साथ खेली-खेली करने लगी ।

3 टिप्‍पणियां:

माधव ने कहा…

कल मेरे मम्मी पापा ने भी मेरे को बडे वाला एयरोप्लेन लेकर दिया.

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

वाह..वाह..!
एयरोप्लेन पर बहुत ही सुन्दर रचना लगाई है आपने!

रावेंद्रकुमार रवि ने कहा…

मनभावन होने के कारण
"सरस पायस" पर हुई "सरस चर्चा" में
इन्हें देख मन गाने लगता!
शीर्षक के अंतर्गत
इस पोस्ट की चर्चा की गई है!

टेम्प्लेट परिकल्पना एवँ अनुकूलन :डा.अमर कुमार 2009