बुधवार, 28 अप्रैल 2010

एक कौआ

नमस्कार ,


मुझे बहुत खुशी हुई ब्लागोत्सव-2010 में अपनी तीन कहानियां देखकर । आप भी पढें और बताना अवश्य कैसी लगीं ?

                                      एक कौआ

एक बार न एक कौआ था , वह फ़्लाई कर रहा था तो उसे बहुत

प्यास लगी थी । पर उसके पास पानी नहीं था ।
फ़िर उसनें पता है क्या किया ?

क्या किया ?
वो अपने घर चला गया , और घर
जाकर उसनें पता है क्या किया ?
क्या किया ?
उसनें नींबू पानी पिया । उसको फ़िर से प्यास लग गई ।
तो फ़िर उसनें क्या किया ?
उसनें पता है फ़िर पानी में ग्लूकोज़ डाल कर पिया तो उसकी प्यास भागी-भागी कर गई ।
और कौआ फ़िर से फ़्लाई करने लगा ।




मैं एक महीने के लिए घूमने जा रहा हूं , आपसे मिलूंगा एक महीने बाद , सबको हैपी होलिडेज़...शुभम

3 टिप्‍पणियां:

Amitraghat ने कहा…

"बहुत बढ़िया कहानी है मज़ा आया..और हैप्पी होलिडेज़..खूब मज़े करना..."

माधव ने कहा…

अच्छी कहानी है , निम्बू पानी पेप्सी का था की कोक का ?
Happy Journey
Enjoy

अक्षिता (पाखी) ने कहा…

मैंने भी पढ़ी है..बढ़िया कहानी है शुभम की.

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पाखी की दुनिया में इस बार चिड़िया-टापू की सैर !!

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